रूबी सामग्री, कृत्रिम कोरंडम (रत्न की मूल सामग्री), गुलाबी लाल
माणिक पदार्थ की विशिष्टता
भौतिक गुण:
रासायनिक संरचना: कृत्रिम माणिक की रासायनिक संरचना एल्यूमिना (Al2O3) है।
कठोरता: कृत्रिम माणिक की कठोरता 9 (मोह्स कठोरता) होती है, जो प्राकृतिक माणिक के बराबर है।
अपवर्तनांक: कृत्रिम माणिक का अपवर्तनांक 1.76 से 1.77 होता है, जो प्राकृतिक माणिक से थोड़ा अधिक होता है।
रंग: कृत्रिम माणिक कई रंगों में उपलब्ध हो सकते हैं, जिनमें सबसे आम लाल रंग है, लेकिन नारंगी, गुलाबी आदि भी शामिल हैं।
चमक: कृत्रिम माणिक में कांच जैसी चमक और उच्च प्रकाश होता है।
प्रतिदीप्ति: कृत्रिम माणिक पराबैंगनी विकिरण के अंतर्गत लाल से नारंगी रंग की तीव्र प्रतिदीप्ति उत्सर्जित करते हैं।
उद्देश्य
आभूषण: कृत्रिम रूबी से विभिन्न प्रकार के आभूषण बनाए जा सकते हैं, जैसे कि अंगूठियां, हार, कंगन आदि, जो भव्य और अद्वितीय लाल आकर्षण प्रदर्शित कर सकते हैं।
इंजीनियरिंग अनुप्रयोग: कृत्रिम माणिक में उत्कृष्ट घिसाव प्रतिरोध और उच्च ताप प्रतिरोध होने के कारण, इसका उपयोग अक्सर यांत्रिक पुर्जों, संचरण उपकरणों, लेजर उपकरणों आदि के उत्पादन में किया जाता है।
प्रकाशीय अनुप्रयोग: कृत्रिम माणिक का उपयोग लेजर विंडो, प्रकाशीय प्रिज्म और लेजर जैसे प्रकाशीय घटकों के रूप में किया जा सकता है।
वैज्ञानिक अनुसंधान: कृत्रिम माणिक्य का उपयोग अक्सर पदार्थ विज्ञान और भौतिकी अनुसंधान में किया जाता है क्योंकि इनके भौतिक गुणों पर नियंत्रण किया जा सकता है और ये स्थिर होते हैं।
संक्षेप में, कृत्रिम माणिक के भौतिक गुण और दिखावट प्राकृतिक माणिक के समान होते हैं, इनकी उत्पादन प्रक्रियाएं विविध होती हैं, इनके उपयोग की एक विस्तृत श्रृंखला है, और ये आभूषण, इंजीनियरिंग और विज्ञान के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं।
विस्तृत आरेख







